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राज्यपाल ने सीएम योगी के राज में हो रहे भ्रष्टाचार की खोली पोल, टकराव की क्या है वजह?

TCN Desk TCN Desk | 07 Aug, 2026 · 5 min read
राज्यपाल ने सीएम योगी के राज में हो रहे भ्रष्टाचार की खोली पोल, टकराव की क्या है वजह?

गर्वनर आनंदीबेन पटेल ने योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपनी ही पार्टी की सरकार पर इतना गुस्सा क्यों हो रही है। क्या यूपी में यह किसी नए राजनीतिक बदलाव का संकेत है या फिर डैमेज कंट्रोल की राजनीति। गर्वनर आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पटेल ने तो यहां तक कह दिया कि जब मुख्यमंत्री के शहर में भष्ट्राचार है तो बांकी जगहों का क्या होगा।

पटेल ने गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU) के 45वें दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह शहर गोरखपुर में विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, हॉस्टल की सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए।


छात्रों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि,

अगर मुख्यमंत्री के अपने शहर में ही भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता का काम दिखाई दे रहा है, तो राज्य के दूसरे हिस्सों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य और छात्र कल्याण से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर यह टिप्पणी की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की आलोचना करते हुए कहा कि,

इंजीनियरिंग का काम “बेहद खराब” है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर है, इसके बावजूद यहां इस तरह की कमियां कैसे हो सकती हैं?

विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 85 मेधावी छात्रों को कुल 172 मेडल प्रदान किए। इनमें 80 विश्वविद्यालय मेडल और 92 डोनर मेडल शामिल थे। मेडल पाने वाले 85 छात्रों में 63 छात्राएं थीं, यानी करीब 74 प्रतिशत पुरस्कार महिलाओं को मिले। वहीं 22 पुरुष छात्रों को मेडल दिए गए। मुख्य अतिथि डॉ. वी.के. सारस्वत ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि डिग्री सिर्फ एक शैक्षणिक योग्यता नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्रों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका की भी सराहना की।

आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि DDU के छात्र बाहर से खाना मंगा रहे हैं, क्योंकि कथित तौर पर हॉस्टल की मेस में भोजन तैयार नहीं किया जा रहा है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के हॉस्टल कमरों के बाहर शराब की बोतलें मिलने की खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि बाहर से खाना मंगाने की व्यवस्था के जरिए शराब या नशीले पदार्थ भी हॉस्टल तक पहुंच सकते हैं।

उन्होंने कहा,

अगर छात्र टिफिन के जरिए बाहर से खाना मंगाएंगे, तो उसी के जरिए शराब और ड्रग्स भी आ सकते हैं।” राज्यपाल ने कहा कि खराब पोषण का छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों को तीन महीने के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि DDU के गर्ल्स हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन भी तभी बदले गए, जब अधिकारियों को उनके दौरे की जानकारी मिली।

उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रशासन ने पहले इन समस्याओं पर कार्रवाई क्यों नहीं की। पटेल ने यह भी कहा कि बुलाए जाने के बावजूद जिलाधिकारी और कमिश्नर उनके सामने उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने घोषणा की कि अब वह खुद स्थिति की निगरानी करेंगी। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्रों को लेकर उनकी चिंता केवल उनके संवैधानिक पद तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ राज्यपाल के रूप में नहीं, बल्कि एक मां के रूप में बोलती हूं। शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन करने वाले कुछ अधिकारियों को उनकी आलोचना अच्छी नहीं लग सकती, लेकिन विश्वविद्यालयों में सुधार बेहद जरूरी है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि जब भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मेडल जीत रहे हैं, तो देश के शैक्षणिक संस्थानों को भी उसी तरह उच्च मानकों को हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में ठहरने के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने देर रात रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने दावा किया कि वहां इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री में कई अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद उन्होंने तुरंत खाद्य विभाग के अधिकारियों को खाने के नमूने लेने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक अतिरिक्त सैंपल भी लिया, जिसे उन्होंने खुद लखनऊ ले जाकर जांच कराने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें स्थानीय स्तर पर होने वाली जांच पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। गुजरात की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए पटेल ने आरोप लगाया कि वहां एक बार खाद्य नमूनों को लैब तक पहुंचने के दौरान बदल दिया गया था, ताकि जांच रिपोर्ट में हेरफेर किया जा सके। इसी वजह से उन्होंने स्वतंत्र रूप से नमूने की जांच कराने का फैसला किया।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में गंदगी को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की सीढ़ियों पर जगह-जगह पान और गुटखे की पीक के निशान थे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति किसी शैक्षणिक संस्थान के लिए उचित नहीं है। आनंदीबेन पटेल ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की छात्राओं के स्वास्थ्य में दिखाई देने वाले अंतर का भी जिक्र किया।

उनके मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की छात्राएं शारीरिक रूप से अधिक स्वस्थ दिखाई देती हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश की कई छात्राएं अपनी वास्तविक उम्र से कम उम्र की नजर आती हैं, हालांकि वे पढ़ाई में काफी सक्षम हैं। राज्यपाल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों, खासकर छात्राओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।