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बिहार में छात्रों के अल्टीमेटम से सीएम सम्राट के छूटे पसीने, घंटे भर में नोटिफिकेशन जारी

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
बिहार में छात्रों के अल्टीमेटम से सीएम सम्राट के छूटे पसीने,  घंटे भर में नोटिफिकेशन जारी

बिहार सरकार को चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) समय पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आगे झुकना पड़ा।

घंटे भर के अंदर बिहार सरकार को चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) समय पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आगे झुकना पड़ा। पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर छात्रों के चल रहे प्रदर्शन के दौरान बिहार में TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन आखिरकार जारी हो चुका है। बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से इस भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसे लेकर पिछले कई महीनों से अभ्यर्थी मांग कर रहे थे। इस शिक्षक भर्ती के तहत कुल 32,388 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। मंगलवार को इसी मामले को लेकर पटना में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी जुटे थे और सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था, छात्रों के प्रदर्शन के बीच ये नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

हांलाकि छात्र नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि,

चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में एकल परीक्षा की घोषणा के बाद ही वो धरना स्थल से हटेंगे। प्रदर्शनकारी छात्र शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।



गौरतलब है कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) समय पर कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को सरकार को 24 घंटे के भीतर नोटिफिकेशन जारी करने का अल्टीमेटम दिया था। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास का घेराव तक कर सकते हैं। हालांकि पटना के गर्दनीबाग इलाके में शोधार्थी और अभ्यर्थी कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के नए नियम और राज्य की सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताएं भी शामिल हैं।

प्रदर्शनकारी BPSC TRE-4 में एकल-स्तरीय परीक्षा, भ्रष्ट तरीकों से नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, BSSC भर्तियों में पारदर्शिता और परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति होने की उम्मीद है। इनमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 पद, कक्षा 9 और 10 के लिए 3,877 पद और कक्षा 11 और 12 के लिए 16,101 पद शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने 29 जुलाई को BPSC को इन पदों की अधियाचना भेजी थी। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था। चौधरी ने भी कहा था कि सरकार बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हालांकि, अभ्यर्थियों के लिए अधियाचना भेजना भर्ती प्रक्रिया का केवल एक हिस्सा भर था। वे BPSC के औपचारिक विज्ञापन का इंतजार कर रहे थे, जिसमें पात्रता की शर्तें, आवेदन प्रक्रिया, महत्वपूर्ण तारीखें और चयन प्रक्रिया की जानकारी दी जानी थी। विज्ञापन जारी होने में देरी के कारण अभ्यर्थियों में निराशा छा गई थी। जो कई महीनों और कुछ मामलों में कई वर्षों से सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।

यह मुद्दा उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके सामने आयु सीमा की चुनौती है और जो लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। इससे पहले शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संकेत दिया था कि TRE-4 की प्रक्रिया जुलाई में आगे बढ़ेगी। उन्होंने राज्य विधानसभा में भी कहा था कि उसी महीने BPSC को अधियाचना भेज दी जाएगी। मंगलवार से शुरू हुई भूख हड़ताल शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे समय से जारी आंदोलन का नया चरण है। इससे पहले भी अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरकर मांग कर चुके हैं कि भर्ती की अधिसूचना बिना किसी और देरी के जारी की जाए।

मई में भर्ती प्रक्रिया में देरी के खिलाफ बड़े प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई भी हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्र नेता दिलीप कुमार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था और करीब 5,000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उस समय भी प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे थे।

अभ्यर्थियों का आंदोलन केवल अधिसूचना जारी करने की मांग तक सीमित नहीं रहा है। छात्र प्रतिनिधि पहले भी मांग कर चुके हैं कि भर्ती प्रक्रिया एक ही परीक्षा के जरिए पूरी की जाए और रिक्त पदों की संख्या को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जाए। मई में दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी और सरकार से TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी कराने की मांग की थी। अभ्यर्थियों ने उनसे कहा था कि भर्ती के बार-बार अलग-अलग चरण और देरी पूरी प्रक्रिया को लंबा और उम्मीदवारों के लिए ज्यादा मुश्किल बना रही है।