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पश्चिम बंगाल से ट्रकों में भर-भर के बीजेपी युवा मोर्चा के लड़कों को झारखंड भेजा जा रहा है : कांग्रेस

TCN Desk TCN Desk | 11 Aug, 2026 · 5 min read
पश्चिम बंगाल से ट्रकों में भर-भर के बीजेपी युवा मोर्चा के लड़कों को झारखंड भेजा जा रहा है : कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने एक वीडियो क्लिप साझा कर इसे सामने लाया है।

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए भाजपा युवा मोर्चा के सदस्यों को पश्चिम बंगाल से ट्रकों में भरकर झारखंड लाया जा रहा है। कांग्रेस ने भाजपा पर विशुद्ध रूप से छात्र आंदोलन को अलग रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें कथित तौर पर युवाओं को भाजपा द्वारा झारखंड में छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए भेजते हुए दिखाया गया है।


एक्स पर हिंदी में किए गए एक पोस्ट में वेणुगोपाल ने कहा,

नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओछी राजनीति का एक और उदाहरण देखिए। भाजपा युवा मोर्चा के कुछ लड़कों को पश्चिम बंगाल से ट्रकों में भरकर झारखंड ले जाया जा रहा है और वहां चल रहे अहिंसक छात्र आंदोलन को अलग रंग देने की कोशिश की जा रही है।"

कांग्रेस नेता ने कहा,

उन्हें लगता है कि झारखंड के आंदोलन को बड़ा दिखाने के लिए नकली भीड़ भेजने से उनके खिलाफ पैदा हुआ जनाक्रोश खत्म हो जाएगा। मोदी जी, भारत की जनता को मूर्ख समझना और उसके साथ वैसा व्यवहार करना बंद कीजिए।

वेणुगोपाल ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा की इन कोशिशों से छात्रों और युवाओं की चिंताओं से ध्यान नहीं भटकाया जा सकेगा। "पिछले महीने जो हुआ, वह सिर्फ ट्रेलर था—युवा और छात्र अच्छी तरह जानते हैं कि मोदी और उनकी सरकार की नाकाम नीतियों ने उनका भविष्य बर्बाद किया है।" उन्होंने कहा, "इसलिए झारखंड के युवाओं की आड़ में अपना स्वार्थ साधने की कोशिश बंद कीजिए। आपकी ऐसी साजिशों के लिए अब इस देश में कोई जगह नहीं बची है।"

ये आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करने और राज्य सरकार से छात्रों के साथ बातचीत जारी रखते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील के एक दिन बाद लगाए गए।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी रांची में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आई, जहां नौकरी के अभ्यर्थियों द्वारा राज्य विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश के दौरान बैरिकेड तोड़े जाने के बाद पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,


झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए मेरा संदेश स्पष्ट है। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा की हम निंदा करते हैं।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा,

यह मायने नहीं रखता कि यह कहां हो रहा है। हम इसकी निंदा करते हैं, हम इसके खिलाफ हैं, हम इसकी सिफारिश नहीं करते और न ही इसका समर्थन करते हैं। हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। "जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण हैं, तब तक उनके खिलाफ किसी भी तरह के हिंसक हमले का हम विरोध करते हैं।

इससे पहले एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा था कि झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग गलत था।

उन्होंने कहा, "छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और समाधान केवल बातचीत से ही निकल सकता है। झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुनते रहना चाहिए और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए।"

बता दें कि कांग्रेस झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार में सहयोगी दल है। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान वे घायल हुए। यह कार्रवाई उस समय हुई जब प्रदर्शनकारी झारखंड विधानसभा की ओर जाने वाली सड़क पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गए थे। उस समय विधानसभा का सत्र चल रहा था।

कई स्वतंत्र यूट्यूबर और चैनल के वीडियो में यह स्पष्ट दिख रहा है कि सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच असमाजिक तत्व भी घुस आए थे और पत्थरों से हमला करने की तैयारी में थे। छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश रच रहे थे। शुरुआत से ही जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इस आंदोलन को लेकर दो मंच सजे हुए थे। जिसमें एक मंच पर कथित रूप से भाजपा के लोग इस मुद्दे को हवा देने की कोशिश कर रहे थे।

बता दें कि JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले यह आंदोलन 25 जुलाई को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुआ था। गुरुवार को मानसून सत्र के पहले दिन यह मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया, जहां विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की। बता दें कि पिछले 13 दिनों में आंदोलन ने और जोर पकड़ा है। छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शन स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की भी लगातार मौजूदगी है, जो दिनभर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन लेकर पहुंच रहे हैं।

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के एक पदाधिकारी ने कहा था कि

“सरकार की बातचीत की पेशकश के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। इसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ यानी पत्रकार और एक वकील शामिल हैं।” प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा को रद्द किया जाए। इसके साथ ही भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच या तो केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जाए या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों की समिति से कराई जाए।

गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। मंच के पदाधिकारी ने कहा, “पत्रकारों और वकील की भूमिका केवल मार्गदर्शन देने तक सीमित रहेगी, क्योंकि हम शांतिपूर्ण बातचीत चाहते हैं और इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहते हैं।हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा एक राष्ट्रीय समस्या है। उन्होंने गतिरोध खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारियों को बातचीत का प्रस्ताव भी दिया था।