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क्या सिंधिया राजघराने को सब्सिडी पर मिल रही है बिजली, महल में बिजली फुल पर मीटर गुल?

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
क्या सिंधिया राजघराने को सब्सिडी पर मिल रही है बिजली, महल में बिजली फुल पर मीटर गुल?

सिंधिया राजघराने का जय विलास पैलेस बिजली खपत और बिलों को लेकर सवालों के घेरे में है।

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने का जय विलास पैलेस बिजली खपत और बिलों को लेकर सवालों के घेरे में है। समाचार संस्थान ‘द सूत्र’ ने अपनी पड़ताल में दावा किया है कि पैलेस परिसर के कई बिजली कनेक्शनों पर पिछले एक साल में जीरो या बेहद कम खपत दर्ज हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कम से कम 21 कनेक्शन हैं, जिनमें अधिकांश पर पुराने मीटर लगे हैं।

इस पड़ताल में मुख्य सवाल यह उठाया गया है कि क्या सिंधिया परिवार से जुड़े परिसर के कनेक्शनों को अटल गृह ज्योति योजना का लाभ मिल रहा है। ‘द सूत्र’ के मुताबिक,

जय विलास पैलेस लगभग 80 एकड़ में फैला है और इसमें 400 कमरे हैं। परिसर में रानी महल, संग्रहालय, उषा किरण पैलेस होटल और अन्य हिस्से हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ताज समूह के अधीन संचालित उषा किरण पैलेस होटल के बिजली बिल को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है। होटल का अलग हाईटेंशन कनेक्शन और अलग बिल है।


सिंधिया परिवार के निवास वाले रानी महल में स्मार्ट मीटर लगा होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस कनेक्शन पर पिछले 12 महीनों में कुल 360.389 यूनिट खपत दर्ज हुई।

महादजी चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम दर्ज कनेक्शन पर अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक लगातार जीरो यूनिट खपत का दावा किया गया है। यह घरेलू, थ्री फेज कनेक्शन है। रिपोर्ट के मुताबिक, नियमित रीडिंग और बिल जारी होने के बावजूद सालभर बिजली खपत दर्ज नहीं हुई। इस अवधि में कुल 1,006 रुपये का बिल आया, जिसे अन्य शुल्क बताया गया है। यहां एलीमर कंपनी का पुराना मीटर लगा है।

यह घरेलू कनेक्शन बिजली और पंखे का है। इस कनेक्शन पर पिछले एक साल में अक्टूबर 2025 से लेकर सितंबर 2026 तक सभी 12 महीनों में जीरो यूनिट आई है।

चीफ सेक्रेटरी टू श्रीमंत हिज हाईनेस महाराजा के नाम वाले कनेक्शन पर तस्वीर अलग है। विजया भवन के पते पर दर्ज इस सिंगल फेज कनेक्शन का स्वीकृत लोड एक किलोवॉट बताया गया है। रिपोर्ट में नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 की अवधि में 2,016 यूनिट खपत दर्ज होने की बात है। कुल बकाया 14,777 रुपये बताया गया है, जिसमें 14,686 रुपये पिछली राशि है। भुगतान की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 दर्ज है।

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पैलेस गार्डन में ‘THE SUPDT’ के नाम दर्ज व्यावसायिक कनेक्शन पर एक साल में केवल पांच यूनिट खपत का दावा है। जुलाई 1980 में लगाए गए इस थ्री फेज कनेक्शन का स्वीकृत लोड तीन किलोवॉट बताया गया है। अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 की अवधि के बिलों के आधार पर यह आंकड़ा दिया गया है। यहां भी पुराना मीटर लगा होने का उल्लेख है।

वसुंधरा राजे चैरिटेबल ट्रस्ट के पते पर ‘द सेक्रेटरी’ के नाम दर्ज कनेक्शन पर इसी अवधि में 2,764 यूनिट खपत बताई गई है। यह पांच किलोवॉट स्वीकृत लोड वाला व्यावसायिक, थ्री फेज कनेक्शन है। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 की बिल राशि 471 रुपये थी और पिछला बकाया 24,687 रुपये था। संबंधित बिल की तारीख आठ सितंबर और भुगतान की अंतिम तारीख 18 सितंबर 2026 बताई गई है।

मन्नू महल पैलेस के नाम वाले घरेलू कनेक्शन पर अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक जीरो यूनिट खपत का दावा किया गया है। जनवरी 1980 में लगाए गए इस थ्री फेज कनेक्शन में एलीमर का पुराना मीटर बताया गया है। रिपोर्ट में सितंबर 2026 के बिल के साथ भुगतान की अंतिम तारीख सितंबर 2021 लिखी है। इस तारीख संबंधी विसंगति को मूल बिल से स्पष्ट करना आवश्यक है।

जूनियर महारानी स्वीट हाउस के पते पर दर्ज कनेक्शन पर भी सालभर एक भी यूनिट खपत दर्ज नहीं होने की बात कही गई है। एक किलोवॉट स्वीकृत लोड वाले इस घरेलू, सिंगल फेज कनेक्शन पर कुल वार्षिक बिल 1,322 रुपये बताया गया है। वहीं, एमपी सिंह सेक्रेटरी के नाम दर्ज कनेक्शन पर केवल दो यूनिट खपत और 957 रुपये का वार्षिक बिल बताया गया है। इसका स्वीकृत लोड तीन किलोवॉट है।

हिरनवन कोठी, पीआरओ, एचएस पचौरी के नाम वाले कनेक्शन पर रिपोर्ट में 12 महीनों की खपत केवल एक यूनिट बताई गई है, जबकि कुल बिल राशि 6,700 रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के जरिए मीटरों की स्थिति, वास्तविक उपयोग और बिलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि द सूत्र की रिपोर्ट में बिजली विभाग और उपभोक्ता यानि सिंधिया राजघराने के नाम पर जो कनेक्शन है उसको लेकर दोनों पक्षों से बातचीत नहीं की गई है।