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राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया: हमसे सबूत मांगे; सोमवार को हम SC जाएंगे : राहुल गांधी

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 6 min read
राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया: हमसे सबूत मांगे; सोमवार को हम SC जाएंगे : राहुल गांधी

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विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल रोक लगाने, चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी और पिछले दो वर्षों में हुए चुनावों की समीक्षा की मांग की है। शुक्रवार को विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की अपील की गई।


विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के कारण लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने की मांग की।

INDIA गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनाव व्यवस्था तथा देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि विपक्षी सांसद देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता के साथ राष्ट्रपति के पास पहुंचे हैं।

ज्ञापन के मुताबिक,

विपक्ष का दावा है कि कई चुनावों में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ हुई है और करोड़ों भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किया गया है। इसमें हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाया गया है। विपक्ष ने यह भी दावा किया कि कई अन्य विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूचियों में हेरफेर किया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि,

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मताधिकार प्रतिनिधि लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव आयोग इस अधिकार का संरक्षक है, न कि उसका मालिक। विपक्ष ने कहा कि आयोग को संविधान के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, न कि राजनीतिक नेतृत्व के प्रति।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि,

मुख्य चुनाव आयुक्त ने अनियमितताओं को छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने गलत बयान दिए। विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था को नियमों में बदलाव करने, अपने फैसलों के लिए जवाबदेही से बचने या सवाल पूछने वालों को चुप कराने की छूट नहीं मिलनी चाहिए।

राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में INDIA गठबंधन ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं।


1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की है। साथ ही, 2023 के उस कानून को निरस्त करने की मांग की गई है, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के संबंध में कानूनी संरक्षण मिलने का प्रावधान है। ज्ञापन में इस संरक्षण को आजीवन प्रतिरक्षा बताते हुए इसकी आलोचना की गई है।

2. SIR पर तत्काल रोक और हटाए गए नामों की बहाली: विपक्ष ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने की मांग की है। साथ ही, गठबंधन ने दावा किया कि 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाए गए हैं। उसने इन सभी नामों को तत्काल मतदाता सूची में बहाल करने की मांग की है। यह आंकड़ा विपक्ष के ज्ञापन में किया गया दावा है।

3. बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग: INDIA गठबंधन ने सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के स्थान पर कागजी मतपत्रों की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मतदान प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान जरूरी है।

4. पिछले दो वर्षों के चुनावों को रद्द करने की मांग: विपक्ष ने पिछले दो वर्षों में हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को निरस्त करने की मांग की है, जिनमें उसके अनुसार ‘वोट चोरी’ के निर्णायक सबूत सामने आए हैं।

ज्ञापन के अंत में राष्ट्रपति से अपील की गई है कि जब लोकतंत्र से जुड़े सवालों पर अन्य रास्ते बंद नजर आते हैं, तब देश की जनता राष्ट्रपति पद को संविधान के अंतिम संरक्षक के रूप में देखती है। विपक्ष ने राष्ट्रपति से संविधान की रक्षा और नागरिकों के मताधिकार को सुरक्षित रखने के लिए निर्णायक कदम उठाने का आग्रह किया।

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राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।


राहुल गांधी ने कहा कि,

उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि चुनाव चोरी के सबूत देश के सामने हैं और अलग-अलग राज्यों में चुनावों को प्रभावित किया गया है। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे अपने दावों के समर्थन में सबूत देने को कहा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि,

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे हैं और विपक्ष उन्हें उपलब्ध कराएगा।

राहुल गांधी ने यह भी घोषणा की कि,

INDIA गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे। राहुल गांधी ने दोहराया कि गठबंधन का मानना है कि कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का असर पड़ा है।


तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा,

“हम एक साथ हैं, हम बहुत मजबूत हैं और हम 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।”


यह मुलाकात दिल्ली में INDIA गठबंधन के लगातार तीन दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

चुनाव आयुक्तों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों को लेकर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बाद विपक्ष ने अपने आरोप और तेज कर दिए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके आदेश निर्धारित कानूनी और वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत जारी किए जाते हैं।

इस घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग की जवाबदेही, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान प्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के आसार हैं। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में कौन-से सबूत पेश करता है और राष्ट्रपति तथा सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।