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राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर लहराया तिरंगा, बोले- लोकतंत्र बचाने खड़ा हूं

TCN Desk TCN Desk | 12h ago · 5 min read
राहुल गांधी ने बैरिकेड पर चढ़कर लहराया तिरंगा, बोले- लोकतंत्र बचाने खड़ा हूं

प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड पर खड़े होकर एक वीडियो संदेश भी जारी किया।

मतदाता सूचियों में अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग कार्यालय के पास मार्च रोक दिया, जिसके बाद सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेकर बसों से अलग-अलग पुलिस थानों में भेजा गया।

इस दौरान राहुल गांधी तिरंगा लहराते हुए नजर आए। ये तस्वीरें वायरल हो रही है। कुछ देर बाद राहुल गांधी-प्रियंका गांधी समेत अन्य सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि वहां मौजूद भीड़ ने बस को घेर लिया। इसके बाद अन्य नेताओं के साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरे और फिर चुनाव आयोग की तरफ जाने की कोशिश की।


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस दौरान ‘वोट चोरी’ को देश के साथ ‘गद्दारी’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। राहुल ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के जरिए देश पर कब्जा किया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसमें उनकी मदद की है।


सवाल पूछने पर राहुल ने नाराजगी जताई और कहा कि,

क्या मैं आपको भाजपा का कार्यकर्ता लगता हूं। भाजपा जो बोले मुझे उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं है। मैं लोकतंत्र बचाने यहां खड़ा हूं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। देश के युवा ये बात जानते हैं। चुनाव को मोदी-शाह ने हाइजैक किया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है। यहां पुलिस वाले भी यही कर रहे हैं। इनमें से कोई भी बचकर नहीं जाएगा। जो इन्होंने देश के साथ किया है, वह देशद्रोह है।

राहुल गांधी ने कहा कि,

नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत ने ‘वोट चोरी’ के जरिए देश को हाईजैक कर लिया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। हमारे देश के साथ जो किया गया है, उसे गद्दारी कहते हैं। कोई बच नहीं पाएगा।”

यह बयान प्रदर्शन के दौरान आया, जब विपक्षी सांसद चुनाव आयोग पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।


कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी चुनाव आयोग और पुलिस की भूमिका पर सवाल दागते हुए एक वीडियो साझा किया। राहुल गांधी के मुताबिक, 300 से अधिक विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर निकले थे। उन्होंने पूछा, “चुनाव आयुक्त हमसे मिल क्यों नहीं रहे हैं? पुलिस हमें रोक और धमका क्यों रही है?” उनके इस संदेश में सांसदों को आयोग तक पहुंचने से रोके जाने पर नाराजगी दिखाई दी।


प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड पर खड़े होकर एक वीडियो संदेश भी जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग जाकर ज्ञानेश कुमार से ‘वोट चोरी’ के बारे में सवाल पूछना चाहता है, लेकिन उसे रोका जा रहा है। राहुल का कहना था कि सांसद आयोग से जवाब मांगने निकले हैं।

मार्च में राहुल गांधी के साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली था। विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, पुलिस की रोक के कारण वे आयोग मुख्यालय तक नहीं पहुंच सके।

नीति आयोग कार्यालय के पास रोके जाने के बाद सांसदों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए सांसदों में अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन के अलावा इमरान मसूद, पी. संतोष और ए. रहीम शामिल थे। इन नेताओं को पुलिस बसों में बैठाकर अलग-अलग थानों की ओर ले गई। हिरासत की कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारी नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा।

इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा कुछ समर्थकों के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए। वे चुनाव आयोग मुख्यालय तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। उपलब्ध विवरण के अनुसार, दोनों नेता परिसर में एक पेड़ के नीचे रुके। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे। इससे पहले राहुल और प्रियंका समेत विपक्षी सांसदों को संसद मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों ने आगे बढ़ने से रोक दिया था।

आकाशवाणी भवन के बाहर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे, जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भवन परिसर के अंदर मौजूद थे। सांसदों की हिरासत और नेताओं को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद विरोध का केंद्र संसद मार्ग के साथ आकाशवाणी भवन के आसपास भी बन गया। वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाते रहे।