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EC का घेराव करने निकले India Bloc के मार्च को Delhi Police ने रोका, राहुल -प्रियंका धरने पर बैठे

TCN Desk TCN Desk | 18h ago · 5 min read
EC का घेराव करने निकले India Bloc के मार्च को Delhi Police ने रोका, राहुल -प्रियंका धरने पर बैठे

चुनाव आयोग के फैसलों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर विरोध मार्च शुरू किया है।

वोट चोरी’ और चुनाव आयोग के फैसलों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर विरोध मार्च शुरू किया है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कई निर्णय एकतरफा तरीके से लिए गए। इन्हीं आरोपों के विरोध में लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी नेता तथा विभिन्न दलों के सांसद सड़क पर उतरे हैं।


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सांसद सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाल रहे हैं। दिल्ली में संसद भवन से चुनाव आयोग तक के मार्च में राहुल गांधी और प्रियंका मौजूद हैं, जबकि AAP और DMK के नेता शामिल नहीं है।

सांसद सेव डेमोक्रेसी का बैनर लेकर पहुंचे हैं और 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' के नारे लगा रहे हैं। संसद मार्ग, जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

लाइव अपडेट

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी कैंपस के बाहर धरने पर बैठे।

आकाशवाणी से चुनाव आयोग का ऑफिस 270 मीटर दूर है। विपक्ष ने नई संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन को दोपहर एक बजे तक तीन घंटे हो गए। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को तीन बार रोका। इस दौरन राहुल हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड्स पर चढ़ गए।

राहुल 'ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो' का पोस्टर लिए दिखे। चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले पांच दिनों में सातवां प्रदर्शन है।

INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन के गेट पर पहुंचे।


कांग्रेस महासचिव और वायनाड प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने मार्च के दौरान हिरासत में लिया।


समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क़ अपने साथी सांसदों के साथ चुनाव आयोग जाते समय नीति आयोग के दफ़्तर के पास लगे पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए।


RJD सांसद मनोज झा ने कहा,

"कोशिश तो करेंगे लेकिन अगर अहंकार इस स्तर पर है तो वो डर का भी द्योतक है। नारे लग रहे हैं गली-गली में शोर है, मोदी-ज्ञानेश चोर है। अब वो कठपुतली की ढोल जिनके हाथ में है उनका भी जिक्र हो रहा है।


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि,

"पहले भी चुनाव आयोग पर आरोप लगे हैं, चुनाव आयोग ने 2017, 2019, 2022, 2024 में बेईमानी की और बंगाल में पूरा का पूरा खुला खेल किया...चंडीगढ़ चाल कौन भूल जाएगा?"


मार्च में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी के बीच सांसद चुनाव आयोग के कामकाज और उसके निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

विरोध मार्च की शुरुआत संसद परिसर के मकर द्वार से हुई। यहां एकत्र हुए सांसद चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन की ओर बढ़े। विपक्ष ने इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए एकतरफा फैसलों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। संसद से चुनाव आयोग तक निकाला जा रहा यह मार्च चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विपक्ष के आरोपों को सार्वजनिक रूप से सामने रखने का प्रयास है।

राहुल गांधी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर विरोध मार्च का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इसके जरिए मार्च में शामिल नेताओं और सांसदों की गतिविधियां दर्शकों तक पहुंच रही हैं। कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की भागीदारी वाला यह प्रदर्शन कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्रित है।


इस विरोध मार्च में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। कांग्रेस के संचार प्रभारी और प्रवक्ता जयराम रमेश के मुताबिक, बीजेडी ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर निकाले जा रहे विपक्ष के मार्च में हिस्सा लिया है। रमेश ने पार्टी की भागीदारी की जानकारी दी है।

बीजेडी की भागीदारी से मार्च में शामिल दलों का दायरा बढ़ा है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ बीजेडी का जुड़ना इस विरोध प्रदर्शन का एक उल्लेखनीय पहलू है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में कुछ निर्णय एकतरफा लिए गए और इनमें अनियमितताएं हुईं। मार्च के जरिए इन आरोपों को चुनाव आयोग मुख्यालय तक पहुंचाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी में उन सभी फैसलों का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है, जिन्हें विपक्ष इस प्रदर्शन के दौरान चुनौती दे रहा है।

लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी इस मार्च को व्यापक प्रतिनिधित्व देती दिख रही है। खड़गे और राहुल गांधी के साथ अभिषेक बनर्जी तथा अखिलेश यादव की भागीदारी बताती है कि कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर साझा विरोध दर्ज करा रहे हैं। सांसदों का संसद के मकर द्वार पर एकत्र होना और वहां से निर्वाचन सदन की ओर बढ़ना प्रदर्शन का प्रमुख घटनाक्रम रहा।

इस मार्च के साथ ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग के निर्णयों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद फिर सामने आया है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। बता दें कि INDIA गठबंधन ने 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत 25 विपक्षी दल शामिल हुए थे।

समाजवादी पार्टी के MP धर्मेंद्र यादव ने कहा कि,

जब से SIR अनाउंस हुआ है, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं, और पूरा विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। बाकी दो इलेक्शन कमिश्नर ने भी साबित कर दिया है कि ज्ञानेश कुमार लगातार अपनी मर्जी से, देश की डेमोक्रेसी, संविधान और कानून के खिलाफ फैसले ले रहे हैं। विपक्ष शुरू से ही इसके खिलाफ था, आज भी है और जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, तब तक इसका विरोध करता रहेगा।