आज राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे India गठबंधन के सांसद, ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की करेंगे मांग
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10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को मिलने की इजाजत मिली है।
ष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार रात 8 बजे INDIA गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।
विपक्षी गठबंधन ने भारत निर्वाचन आयोग से जुड़ी अपनी चिंताओं को राष्ट्रपति के सामने रखने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। इसी अनुरोध पर राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार रात 8 बजे बैठक तय की है।
गौरतलब है कि विपक्षी सांसद लंबे समय से राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग कर रहे थे। अब उन्हें राष्ट्रपति से मिलने का समय मिल गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां तीन दिन से दिल्ली में प्रदर्शन कर रही हैं। आज प्रदर्शन का चौथा दिन है। राष्ट्रपति की तरफ से इंडिया ब्लॉक के सांसदों को मिलने का समय मिल गया है। 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को मिलने की इजाजत मिली है। हालांकि, इंडिया ब्लॉक चाहता है कि 15 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को मिलने की इजाजत मिल जाए, ताकि सभी पार्टियों के नेता शामिल हो सकें।
बताया जा रहा है कि,
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत लेफ्ट के नेता शामिल रहेंगे। विपक्ष कई दिनों से राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग कर रहा था। विपक्ष राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहता है, जिसमें ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की जाएगी। इससे पहले तीन बजे सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सभी सांसद इकट्ठे होंगे। ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने वाले ज्ञापन पर उनके दस्तखत लिए जाएंगे।
इससे पहले विपक्ष शुक्रवार को ही राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने वाला था। हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिलने के बाद विपक्ष इस मार्च को टालता है या करता है। हालांकि, विपक्ष के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 20 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी शनिवार को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक और विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।

इससे पहले गुरुवार को राजघाट पर विपक्ष ने शांतिपूर्ण धरना दिया और ऐलान किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘सद्बुद्धि’ देने की प्रार्थना की। उन्होंने गांधीजी को पुष्पांजलि अर्पित की और इसके बाद वहीं शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा। शुक्रवार सुबह उनके संसद भवन में मिलने की संभावना है। कई नेताओं ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने आगे की रणनीति का खुलासा नहीं किया।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने पत्रकारों से कहा,
आपने देखा कि INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने राजघाट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। हमने इस सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। साथ ही, देश के हर मतदाता के वोट और लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी प्रार्थना की।”
माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने कहा कि शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा,
जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर उनके आका—मोदी और अमित शाह—उन्हें बचाने पर अड़े हैं, तो वे भी उनके साथ डूबेंगे। हम संकल्प और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
भाकपा नेता पी. संतोष ने भी कहा,
हम कल भी अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। ज्ञानेश कुमार जल्द इस्तीफा दे दें तो यह देश के लिए बेहतर होगा।” वहीं, माकपा नेता वी. शिवदासन ने कहा कि विपक्षी दलों की एकता बरकरार है।

इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संविधान को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कथित साजिश के लिए इन सभी को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

राहुल गांधी का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से विपक्षी सांसदों और नेताओं के लिए आयोजित दोपहर के भोजन के बाद आया। कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल स्थित मोएट्स रेस्तरां में हुई इस बैठक में राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना देने का फैसला किया गया। इसके बाद विपक्षी नेता रेस्तरां के बाहर खड़ी वातानुकूलित बसों से राजघाट के लिए रवाना हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता भी बसों के साथ पैदल चलते हुए राजघाट पहुंचे।
