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राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

TCN Desk TCN Desk | 14 Jul, 2026 · 3 min read
राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मंदिर चढ़ावा-चोरी के अड्डे क्यों बन गए हैं?

उत्तराखंड पुलिस की एसआईटी ने बद्नीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने इस मामले में फरार कर्मी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ा एक्शन लिया है। अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के बीच सामने आए इस मामले ने मंदिर प्रशासन को सवालों को घेरे में ला दिया था। जिसके बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की चार सदस्यीय समिति ने जांच शुरू की।

जांच के आधार पर एक कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की भूमिका संदिग्ध नजर आई थी। जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया, फिर प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। लेकिन केस दर्ज होने के बाद ही प्रमोद नौटियाल फरार हो गया था। एसआईटी ने प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है और इसके बाद बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे चोरी का मामला उजागर होने से श्रद्धालुओं के आस्था को ठेस पहुंची है।

2 जुलाई को उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। मंदिर समिति की आंतरिक जांच से आगे बढ़कर पुलिस जांच, राज्य सरकार की उच्चस्तरीय जांच और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। 2 जुलाई को थाली भेंट की गणना के दौरान कथित अनियमितता की सूचना सामने आने के बाद एक सामाजिक संगठन ने मंदिर समिति से शिकायत की। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ़ बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी बहस छेड़ दी है कि श्रद्धालुओं के दान की निगरानी और जवाबदेही की मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस, भाकपा (माले) और बीकेटीसी अध्यक्ष की ओर से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप है कि गिरफ्तार कर्मचारी ने पूछताछ के दौरान कहा है कि यदि उस पर दबाव बनाया गया तो वह अन्य लोगों के नाम भी बताएगा। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है।

गोदियाल का कहना है कि यदि प्रमोद नौटियाल को मंदिर में चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी दी गई थी तो इसकी जवाबदेही केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मंदिर समिति के अध्यक्ष की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, भाकपा (माले) के राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी ने आरोप लगाया है कि यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि प्रमोद नौटियाल अध्यक्ष के वैयक्तिक सहायक थे तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उन्हें बद्रीनाथ में क्या जिम्मेदारियां दी गई थीं और क्या वे अकेले काम कर रहे थे। उन्होंने मंदिर समिति के शीर्ष स्तर की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जवाब देते हुए कहा है कि प्रमोद नौटियाल उनके "निजी सचिव" नहीं बल्कि मंदिर समिति के कर्मचारी हैं और वे पहले भी कई अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में काम कर चुके हैं। हेमंत द्विवेदी ने आरोप लगाया कि नौटियाल को वर्ष 2014 में तत्कालीन बीकेटीसी अध्यक्ष और वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर स्थायी नियुक्ति मिली थी और बाद में उन्हें वैयक्तिक सहायक के पद पर समायोजित किया गया।