Sudhir Vidyarthi
हिन्दी के चर्चित लेखक सुधीर विद्यार्थी का जन्म: 1 अक्टूबर, 1953 को पीलीभीत में पैतृक घर शाहजहाँपुर के ख़ुदागंज गाँव में हुआ है। इतिहास पर इनका लेखन विशद है। इनकी महत्वपूर्ण प्रकाशित कृतियाँ: अशफ़ाक़उल्ला और उनका युग, शहीद रोशनसिंह, उत्सर्ग, हाशिया, मेरा राजहंस, शहीद अहमदउल्ला शाह, आमादेर विप्लवी, भगतसिंह की सुनें (पंजाबी में भी अनूदित), शहीद भगतसिंह इन्क़लाब का सफ़र, पहचान बीसलपुर, मेरे हिस्से का शहर, अग्निपुंज (शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद की जीवन-कथा), अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद। सम्पादन: शहीद भगत सिंह : क्रान्ति का साक्ष्य, काला पानी का ऐतिहासिक दस्तावेज़, कर्मवीर पं. सुन्दरलाल : कुछ संस्मरण, शहीदों के हमसफ़र, अपराजेय योद्धा कुँवर भगवान सिंह, ग़दर पार्टी भगत सिंह तक, जब ज्योति जगी, बुन्देलखण्ड और आज़ाद, क्रान्तिकारी बटुकेश्वर दत्त, आज का भारत और भगत सिंह, क्रान्ति की इबारतें, ज़खीरे में शाहदत आदि हैं। उत्तर प्रदेश के कर्मचारी-मज़दूर आन्दोलन में 20 वर्ष तक सक्रिय भागीदारी व प्रदेशीय नेतृत्व। इसी के तहत दो बार जेल-यात्रा, कई मुक़दमे व यातनाएँ। परिवेश सम्मान से सम्मानित।
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बंदे मातरम पर राजनीति और काकोरी कांड के शहीदों की मूर्तियों का ऐसा अपमान!
23 मार्च का सवेरा होते-होते नगर निगम प्रशासन और प्रदेश सरकार के हुक्मरानों तथा सत्ताधारियों की मिली-भगत से अंजाम दिए गए इस दुष्कृत्य की खबर फोटो और वीडियो के साथ फैलते ही सूबे भर के अनेक शहरों में इसके प्रतिरोध की इबारत तीव्रता से लिखी जाने लगी। सुयोग्य महापौर महोदया ने इस सबसे अनजान बने रहकर उस रोज़ कहा था कि वे नवरात्र के व्रत के चलते निगम कार्यालय नहीं जा रही थीं इसलिए उन्हें इसका पता नहीं लगा। नगर आयुक्त का भी कथन था कि उनको भी शहीद प्रतिमाओं पर हुई इस बुलडोजर कार्रवाई का कुछ संज्ञान नहीं था।
3h ago