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राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा-अंकिता भंडारी केस की जांच पूरी होने तक राज्यपाल न बनें दुष्यंत गौतम

TCN Desk TCN Desk | 53m ago · 5 min read
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा-अंकिता भंडारी केस की जांच पूरी होने तक राज्यपाल न बनें दुष्यंत गौतम

18 सितंबर 2022 को अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर दोबारा विचार करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने गुरुवार, 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से अपील की कि वह केंद्र सरकार से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और सीबीआई की जांच पूरी होने तक गौतम को पदभार ग्रहण नहीं करने देने का आग्रह करें।


राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि,

अंकिता भंडारी के परिवार सहित कई लोग दुष्यंत गौतम पर इस अपराध से जुड़े होने के आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि, गौतम इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और आरोप लगाने वाले लोगों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई भी शुरू की है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि,

अंकिता के परिवार द्वारा उठाए गए सवालों की जांच अभी जारी है। ऐसे समय में गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर से उन्हें झटका लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में वीआईपी की भूमिका का पता लगाने के लिए चल रही सीबीआई जांच बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सबसे अहम सवाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से एक सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है कि आखिर वे वीआईपी कौन थे, जिनका नाम इस मामले में सामने आया था। उन्होंने लिखा कि इस साल जनवरी में उत्तराखंड में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बावजूद वीआईपी की पहचान को लेकर जांच अब तक पूरी नहीं हुई है।

राहुल गांधी के मुताबिक,

जब तक इस मामले में उठाए गए सवालों के जवाब नहीं मिल जाते, तब तक अंकिता के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद अधूरी रहेगी। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि जांच के नतीजे सामने आने से पहले ही गौतम को राज्यपाल जैसा संवैधानिक पद सौंप दिया गया है।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में राज्यपाल के संवैधानिक पद और उससे जुड़े संरक्षण का भी उल्लेख किया। उनका तर्क है कि राज्यपाल के पद पर रहते हुए मिलने वाला संवैधानिक संरक्षण जांच के बाद अभियोजन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने लिखा,

ऐसी जांच, जिसका नतीजा कभी मुकदमा चलाने तक नहीं पहुंच सकता, केवल नाम की जांच है। राज्यपाल को अपने राज्य के लोगों का विश्वास हासिल होना चाहिए। संदेह के घेरे में रहने वाला कोई व्यक्ति यह विश्वास हासिल नहीं कर सकता।

राहुल गांधी ने कहा कि राज्यपाल का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी है और इस पद पर नियुक्त व्यक्ति को लेकर जनता के मन में विश्वास होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि अंकिता हत्याकांड की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। हालांकि, गौतम के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना भी महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी ने पत्र में माना कि राज्यपालों की नियुक्ति प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी उदासीनता दिखाई है। यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है।

राष्ट्रपति से अपील करते हुए कांग्रेस नेता ने संविधान के अनुच्छेद 74(1) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थापित परंपराओं के अनुसार राष्ट्रपति सरकार को किसी विषय पर दोबारा विचार करने के लिए कह सकते हैं। इसी अधिकार के तहत उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि वह राष्ट्रपति को अंतिम उम्मीद के तौर पर पत्र लिख रहे हैं, ताकि अंकिता के परिवार को न्याय मिलने की दिशा में कदम उठाया जा सके।

राहुल गांधी ने पत्र के अंत में अंकिता के माता-पिता का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अनुचित मांग को मानने से इनकार कर दिया था और इसके लिए उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। अब उसके माता-पिता न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विरोध कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि वह शोक में डूबे परिवार को राहत देने और राज्यपाल के संवैधानिक पद की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई करें।

इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, परिवार की मांग थी कि सीबीआई की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। गौतम को सोमवार को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

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19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को दोषी ठहराया गया था। पुलकित आर्य पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

इस मामले में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद अंकिता के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि कथित वीआईपी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो और उसकी पहचान सामने लाई जाए।

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में परिवार का प्रदर्शन इसी मांग से जुड़ा है। अब राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति या केंद्र सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाएंगे। सीबीआई जांच के नतीजों पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।