Politics

अगर मेरे पास अधिकार होता तो मोहन भागवत का कार्यक्रम न्यूयॉर्क में नहीं होता: ममदानी

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
अगर मेरे पास अधिकार होता तो मोहन भागवत का कार्यक्रम न्यूयॉर्क में नहीं होता: ममदानी

न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया।

न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम का विरोध किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को होने वाले इस निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के मेयर के पास नहीं है। ममदानी ने कहा कि अगर मेयर के पास अधिकार होता तो भागवत का कार्यक्रम न्यूयॉर्क शहर में नहीं होता।

आरएसएस प्रमुख भागवत मंगलवार को ही अमेरिका पहुंचे। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका के दौरे पर हैं। न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान वह शनिवार को ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे और मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतीय मूल के करीब 5,000 लोगों को संबोधित करेंगे।

ममदानी ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,


“मैं इस रैली का समर्थन नहीं करता, लेकिन मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के मेयर के पास है या नहीं।”

भारतीय मूल के मेयर ममदानी से आरएसएस, मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम और भागवत की मौजूदगी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि वह इसका विरोध करते हैं, लेकिन साथ ही शहर के मेयर के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया।

ममदानी ने कहा,

“मैं हमारे शहर के इतिहास में पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर के रूप में भी यहां खड़ा हूं और मेरी माँ का पूरा परिवार अभी भी भारत में है।”

उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने उन्हें भारत को

“एक बहुलतावादी समाज और एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के रूप में देखने की सीख दी, जो भारत से जुड़े हर व्यक्ति के लिए समान अधिकार और स्थान में विश्वास करता है।”

ममदानी ने कहा कि

“किसी भी देश के किसी एक धार्मिक नजरिए पर आधारित आंदोलन के बढ़ने को देखना बेहद परेशान करने वाला रहा है।” उन्होंने कहा कि वह इस तरह की विचारधारा का गहराई से विरोध करते हैं, न केवल एक भारतीय-अमेरिकी के तौर पर, बल्कि ऐसे शहर के मेयर के रूप में भी जो हर व्यक्ति की समान भागीदारी और सम्मान में विश्वास करता है, चाहे उसका रंग, आस्था, धर्म या मूल कुछ भी हो।

न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर कई अंतरधार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत की मौजूदगी का विरोध किया और आयोजन स्थल से कार्यक्रम रद्द करने की मांग की। इन संगठनों में हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क समेत कई अन्य संगठन शामिल थे।

‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ का आयोजन AHEAD Forum कर रहा है, जो भागवत की मेजबानी कर रहा है। फोरम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आरएसएस प्रमुख 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ममदानी का बयान ऐसे समय आया है जब प्रगतिशील वामपंथी विचारधारा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता और राजनीतिक हस्तियां मेयर से मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत की रैली रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

अमेरिका की पूर्व सिएटल सिटी काउंसिल सदस्य और अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के चुनाव में उम्मीदवार क्षमा सावंत ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा,

“भागवत और आरएसएस की निंदा करने तथा कार्यक्रम रद्द करने के लिए अपने मेयर पद का इस्तेमाल करने से इनकार करके ममदानी भारत में मुसलमानों और अन्य उत्पीड़ित समुदायों तथा फिलिस्तीनी लोगों के साथ खड़े होने में विफल हो रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि मोदी की दक्षिणपंथी सरकार ट्रंप से भी अधिक अधिनायकवाद की दिशा में आगे बढ़ गई है और समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि वे इसके खिलाफ आवाज उठाएं।

UNITED STATES COMMISSION ON INTERNATIONAL RELIGIOUS FREEDOM (USCIRF) के सदस्यों ने भी अमेरिकी सरकार से भागवत को राजनयिक सुविधाएं नहीं देने और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। हाल के अमेरिकी चुनावों में भारतीय-अमेरिकी राजनीतिक उम्मीदवारों को अमेरिकी राजनीति के प्रगतिशील वामपंथी समूहों की ओर से भी बढ़ती जांच का सामना करना पड़ा है। इन समूहों ने हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों से जुड़े दानदाताओं और राजनीतिक समूहों के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। अमेरिकी सीनेट के सदस्य थानेदार और राजा कृष्णमूर्ति दोनों को हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों के साथ उनके संबंधों को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा।

दोनों सीनेट अगले साल की शुरुआत में प्रतिनिधि सभा छोड़ देंगे। थानेदार चुनाव में प्रगतिशील उम्मीदवार डोनोवन मैककिनी से हार गए, जबकि कृष्णमूर्ति ने प्रतिनिधि सभा के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था और इलिनॉय से अमेरिकी सीनेट का चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन उनका यह प्रयास भी सफल नहीं हुआ।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका पहुंचे। संगठन के अनुसार, उनका यह बहुदिवसीय दौरा संघ के शताब्दी समारोह से जुड़ा हुआ है। इस यात्रा के दौरान भागवत कनाडा और ब्रिटेन का भी दौरा करेंगे।