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IIT Delhi में 500 से ज्यादा छात्र कर रहे प्रदर्शन, 3 साल में 8 छात्रों ने किया सुसाइड

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
IIT Delhi में 500 से ज्यादा छात्र कर रहे प्रदर्शन, 3 साल में 8 छात्रों ने किया सुसाइड

IIT दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

IIT दिल्ली में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। सुबह 9 बजे छात्र IIT दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के पास जुटने लगे। शाम तक करीब 300 छात्र संस्थान की मुख्य इमारत की पहली मंजिल की लॉबी में, निदेशक के कार्यालय के बाहर जमा हो चुके थे। वे आईआईटी दिल्ली प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे थे।

Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन 31 वर्षीय MSc फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश की मौत के दो दिन बाद हुआ। आरोप है कि उन्होंने परिसर की एक इमारत की छठी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या की। छात्रों के मुताबिक, 2023 से संस्थान में यह आठवीं आत्महत्या थी। उन्होंने एक डीन और एसोसिएट डीन के इस्तीफे के साथ-साथ स्वतंत्र जांच और ऋषिकेश के परिवार को मुआवजा देने की मांग की।


बता दें कि इस साल संस्थान में यह दूसरी आत्महत्या थी। मार्च में B Tech की पढ़ाई कर रहे एक 19 वर्षीय छात्र परिसर स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे।

ऐसे परिसर में, जहां छात्र विरोध-प्रदर्शन आम बात नहीं हैं, इतनी बड़ी संख्या में सोमवार को छात्रों का जुटना चिंताजनक था। एक छात्र ने कहा,

हम यहां सिर्फ एक आत्महत्या के बाद नहीं आए हैं। दो के बाद भी नहीं। हम आठ मौतों के बाद यहां हैं। आखिर यह उनके लिए पर्याप्त क्यों नहीं है?

सुबह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स के पास छात्रों के जुटने और अपनी मांगों पर चर्चा करने के साथ प्रदर्शन शुरू हुआ। उनकी मांगों में छात्र कल्याण की एसोसिएट डीन प्रोफेसर श्रीदेवी उपाध्यायुला का इस्तीफा, मौतों की जांच और ऋषिकेश के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल था।

ऋषिकेश की याद में कुछ देर मौन रखने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जम कर परिसर में नारे लगाए।

एक छात्र ने कहा,

ऋषिकेश ने इस साल की शुरुआत में अपने पिता की मृत्यु के बाद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण एक सेमेस्टर के लिए पढ़ाई से अवकाश लिया था। उन्होंने एक महीने से अधिक समय तक इलाज कराया था।

एक अन्य छात्र ने कहा,

जुलाई के आखिर में जब वह हॉस्टल लौटे, तो अवकाश लेने के कारण उनका नाम हॉस्टल की सूची से हटा दिया गया था। छात्रों का आरोप है कि जिन अस्पतालों में ऋषिकेश का इलाज हुआ था, वहां से फिटनेस संबंधी मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें कमरा आवंटित होने से पहले IIT दिल्ली अस्पताल से एक और मंजूरी लेने को कहा गया।

एक छात्र ने कहा,

आखिरकार उन्हें अपनी मां के साथ परिसर के बाहर किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

प्रदर्शन कर रहे एक अन्य छात्र ने कहा,

जब भी हम अपनी समस्याओं के बारे में बात करने की कोशिश करते हैं, तो वे कहते हैं, ‘अगर आप नहीं झेल सकते तो चले जाइए।’ उनमें संवेदनशीलता की कमी है।

प्रदर्शन के जोर पकड़ने के बाद प्रशासन ने सोमवार की सभी कक्षाएं रद्द कर दी थीं। देर दोपहर तक प्रदर्शन का केंद्र लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स से मुख्य इमारत में स्थानांतरित हो गया।

सोमवार शाम 5 बजे तक IIT दिल्ली के निदेशक रंजन बनर्जी के कार्यालय के बाहर पहली मंजिल की लॉबी प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बन चुकी थी। करीब 500 छात्र वहां जमा थे। बनर्जी को छात्रों की मांगों की सूची पहले ही मिल चुकी थी और वह प्रोफेसर श्रीदेवी के साथ छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। करीब 5:30 बजे बनर्जी अपने कार्यालय से बाहर आए। छात्रों ने नारे लगाए। उन्होंने घोषणा की कि एक जांच समिति गठित की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रोफेसर श्रीदेवी उस समय इस्तीफा नहीं देंगी। इसके बाद छात्रों की प्रतिक्रिया बदल गई और उन्होंने विरोध में हूटिंग शुरू कर दी। प्रोफेसर श्रीदेवी को इमारत के पिछले प्रवेश द्वार से बाहर ले जाया गया।

एक छात्र ने कहा,

अगर वह हमारा सामना नहीं कर सकतीं, तो वह हमारी समस्याओं का समाधान कैसे करेंगी?”

एक अन्य छात्र ने कहा,

अगर हमारे क्रेडिट कम हो जाते हैं तो हमें सजा मिलती है। फिर उन्हें सजा क्यों नहीं मिलनी चाहिए? अगर हम उनसे अपनी समस्याओं के बारे में सुरक्षित महसूस करते हुए बात ही नहीं कर सकते, तो उस कुर्सी पर उनके होने का क्या मतलब है?

मुआवजे के मुद्दे पर बनर्जी ने कहा कि ऋषिकेश की मां, जो अकेली हैं, को 6 लाख रुपये के साथ ऋषिकेश के इलाज पर हुए सभी चिकित्सा खर्चों का भुगतान किया जाएगा। इस घोषणा से प्रदर्शनकारी छात्रों को ज्यादा राहत नहीं मिली। एक छात्र ने कहा,

एक अकेली मां को 6 लाख रुपये से क्या करना है? वे पहले से ही आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे थे।”

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऋषिकेश शनिवार सुबह करीब 8 बजे मुख्य द्वार से IIT दिल्ली परिसर में दाखिल हुए थे। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गए और लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुंचे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने इमारत के सामने की ओर से छलांग लगा दी।