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अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा : पायलट को दोषी ठहराने वाली कहानी गवाहों को प्रभावित कर रही है

TCN Desk TCN Desk | 15 Jul, 2026 · 3 min read
अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसा : पायलट को दोषी ठहराने वाली कहानी गवाहों को प्रभावित कर रही है

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 विमान हादसे की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसकी अंतिम रिपोर्ट जल्द जारी की जाएगी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) इस हादसे की जांच कर रहा है। एयर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच मामले में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मीडिया में चल रही अटकलों और बिना जांच पूरी हुए पायलटों को दोषी ठहराने वाली खबरों की वजह से कुछ गवाह प्रभावित हुए हैं, जिससे जांच पर असर पड़ सकता है। बता दें कि इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। जांच अभी भी जारी है।

11 जुलाई को दायर हलफनामे में एएआईबी के महानिदेशक ने बताया कि

जांच फिलहाल सबूत जुटाने, तकनीकी जांच और फोरेंसिक विश्लेषण के अहम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अगले लगभग छह हफ्तों में पूरी होने की उम्मीद है, जबकि अंतिम जांच रिपोर्ट का मसौदा अक्टूबर 2026 तक तैयार किए जाने की संभावना है।

यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है, जिसे हादसे में जान गंवाने वाले विमान के पायलट के पिता पुष्कर राज सभरवाल ने दायर किया था।

एएआईबी ने बताया कि जांच के दौरान जांचकर्ताओं को दुर्घटनाग्रस्त विमान और उसके सभी पुर्जों की जांच करने का अधिकार होता है। इस प्रक्रिया में फ्लाइट रिकॉर्डर को निकालकर उसका डेटा पढ़ना, रडार और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के रिकॉर्ड जुटाना, मौसम संबंधी जानकारी का विश्लेषण करना, विमान के रखरखाव और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच, पायलटों के प्रशिक्षण रिकॉर्ड की समीक्षा, इंजन और अन्य हिस्सों की तकनीकी जांच, एवियोनिक्स और सॉफ्टवेयर का फोरेंसिक विश्लेषण, तथा विमान निर्माता और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों से सलाह लेना शामिल है। ब्यूरो ने कहा कि ये सभी काम जांच के प्रभारी अधिकारी (आईआईसी) की निगरानी में किए जा रहे हैं और जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

गौरतलब है कि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्‌डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद ही लंदन जा रही एयर इंडिया की ड्रीमलाइनर फ्लाइट क्रैश हो गई थी। इसमें गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी के साथ विमान और नीचे जमीन पर मौजूद कुल 260 लोग मारे गए थे। 12 जून, 2025 को हुई इस दुर्घटना में 229 यात्री, चालक दल के 12 सदस्य और विमान क्रैश होने वाले स्थान पर 19 अन्य लोग मारे गए थे।

एएआईबी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ी जटिल जांच प्रक्रिया छह हफ्तों में पूरी हो सकती है, लेकिन फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट इस साल अक्टूबर तक ही तैयार हो पाएगी। मृतक पायलट के पिता पुष्कर राज सभरवाल की याचिका का जवाब देते हुए कहा कि मौजूदा दुर्घटना की प्रकृति, पैमाने और जटिलता को देखते हुए ब्यूरो ने जांच पूरी करने की समय-सीमा का सावधानीपूर्वक आकलन किया है। पूरी संभावना है कि जांच की गतिविधियां, लंबित बाहरी निर्भरताओं के समाधान के अधीन, छह हफ्तों के भीतर पूरी हो जाएंगी। एएआइबी ने मंगलवार को शीर्ष न्यायालय में दाखिल शपथ पत्र में विस्तार से अपनी बातें कही हैं। बताया है कि यह जांच अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार हो रही है। यह जांच इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गनाइजेशन के नियमों और शिकागो कन्वेंशन के अनुसार हो रही है। इसलिए उसमें विशेष सावधानी बरती जा रही है और सभी बिंदुओं को मानदंडों पर खरा साबित करने की कोशिश है।