होर्मुज में जहाज पर हमला, चालक दल में शामिल 11 भारतीय नागरिक घायल
इस जहाज पर सवार 19 चालक दल सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे।
अमेरिका-ईरान में तनाव के बीच भारत ने ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे पनामा के ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की निंदा की है। MT On Peace (IMO 9893204) नामक इस जहाज पर सवार 19 चालक दल सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे। हमले में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय शामिल हैं। भारत ने व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं तत्काल रोकने की मांग की है।
मंगलवार (6 अक्टूबर) को विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि घायलों का इलाज ओमान के खसाब (Khasab) में चल रहा है.
विदेश मंत्रालय ने कहा,
''हम ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले कमर्शियल जहाज MT On Peace (IMO 9893204) पर हुए हमले की निंदा करते हैं। यह जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरते समय एक प्रोजेक्टाइल (हमला करने वाली चीज) की चपेट में आ गया था।'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को घटना पर चिंता जताते हुए बताया कि घायल चालक दल सदस्यों को ओमान के अधिकारियों की सहायता से जहाज से सुरक्षित निकाला गया है। सभी घायलों का ओमान के खासब में इलाज चल रहा है। भारत ने बचाव और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार,
एमटी ऑन पीस सोमवार को होर्मुज से गुजर रहा था। इसी दौरान ओमान के तट के पास जहाज किसी प्रोजेक्टाइल (हमला करने वाली चीज) की चपेट में आ गया। जहाज की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन पहचान संख्या, यानी आईएमओ नंबर, 9893204 है। विदेश मंत्रालय के बयान में जहाज पर हुए हमले की निंदा की गई है, हालांकि हमला किसने किया और किस प्रकार के प्रोजेक्टाइल (हमला करने वाली चीज) का इस्तेमाल हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
घायलों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा,
हमें पता चला है कि चालक दल के 12 सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। ओमान के अधिकारियों की सहायता से घायल चालक दल सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उनका ओमान के खासब में इलाज किया जा रहा है। हम इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा किए गए विवरण के मुताबिक, जहाज पर मौजूद चालक दल के अधिकांश सदस्य भारतीय थे। ऐसे में इस हमले ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। बयान में घायलों को चिकित्सा सहायता मिलने की पुष्टि की गई है। हालांकि, उनकी चोटों की गंभीरता या जहाज को हुए नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
भारत ने इस घटना के साथ क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। जायसवाल ने कहा कि समुद्री परिवहन को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएं भारत के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के हित में इन हमलों को तत्काल बंद करने की भारत की मांग दोहराई। क्षेत्र में जहाजों पर हमले की लगातार हो रही घटनाएं भारत के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता के हित में ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की अपनी अपील दोहराते हैं।”
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों, समुद्री कर्मचारियों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाजों की आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल करने पर भी जोर दिया है। बयान में नाविकों की सुरक्षा के साथ समुद्री व्यापार के निर्बाध संचालन की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा गया है।
जायसवाल ने कहा,
“क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए नौवहन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
भारत की प्रतिक्रिया में घायल भारतीयों को मिली सहायता और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, दोनों मुद्दों पर जोर दिया गया है। ओमान के अधिकारियों के सहयोग से घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार उपलब्ध कराया गया है। वहीं, नई दिल्ली ने दोहराया है कि शांति और स्थिरता के लिए जहाजों पर हमले रोकना आवश्यक है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में हमलावर की पहचान नहीं बताई है और न ही किसी देश या संगठन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।