दिल्ली पहुंचते ही दीपके समेत CJP के तीन नेता हिरासत में, जंतर-मंतर पर थी बड़े प्रदर्शन की तैयारी
प्रदर्शन से पहले दिल्ली को छावनी में बदल दी गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में ले लिया गया। तीनों मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली आए थे और जंतर मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे।
पार्टी ने एक बयान में आरोप लगाया कि नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना के तहत हिरासत में लिया गया। CJP ने तीनों नेताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
पार्टी के मुताबिक, जंतर मंतर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का मुद्दा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 से जुड़े बदलाव थे।
इससे पहले, शनिवार को ही यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह को भी पुलिस ने उनके घरों पर हिरासत में लिया। ये कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है।
जर्मनी में रहने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार सोसाइटी में उनके आवास पर हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, हाल ही में भारत आए राठी को दिल्ली और गुरुग्राम की पुलिस टीमों ने राजधानी में होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नहीं जाने को कहा था। उनके इन अनुरोधों को ठुकराने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
अभिजीत दिपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर बुलाए गए सीजेपी के प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 40 हजार से अधिक जवान तैनात हैं। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं और वाहनों को रोकने के लिए सड़क पर नुकीली पट्टियां भी बिछाई गई हैं।
गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि,
दिल्ली पुलिस की एक टीम राठी के आवास पर पहुंची थी और उनसे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं जाने का अनुरोध किया था। अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस से जानकारी मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस की टीमें भी उनके घर पहुंचीं। उन्होंने राठी से कानून का पालन करने और शांति बनाए रखने में सहयोग करने को कहा।
गुरुग्राम पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि राठी के घर पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो अगले आदेश तक वहां मौजूद रहेंगे।
सीजेपी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की। संगठन ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सवाल पूछने और चुप रहने से इनकार करने वाले युवाओं से सत्ता डर रही है।
एक अन्य बयान में सीजेपी ने राठी को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में अनियमितताओं के खिलाफ उठ रही लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के लिए पूरे शहर में कार्रवाई की जा रही है। अपने व्हाट्सऐप चैनल पर जारी बयान में सीजेपी ने ध्रुव राठी के साथ हिरासत में लिए गए सैकड़ों नागरिकों और छात्र कार्यकर्ताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की।
राठी ने हाल ही में एक्स समेत विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा किए गए एक वीडियो में लोगों से शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में जुटने की अपील की थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बुलाए गए प्रदर्शन से पहले राजधानी में पुलिस ने बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के संयुक्त आह्वान पर होने वाले इस प्रदर्शन से पहले रातभर में कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है। इसके साथ ही दिल्ली के अलग-अलग इलाकों, सीमाओं और नई दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
द इंडियन एक्सप्रेस को एक पुलिस सूत्र ने बताया कि शनिवार रात 12:30 बजे तक हिरासत में लिए गए लोगों में करीब 250 दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले के थे। इनमें खास तौर पर शाहीन बाग और उसके आसपास के इलाकों के लोग शामिल हैं। शाहीन बाग वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा था। सूत्र के अनुसार, प्रदर्शन से पहले इस क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शाहदरा और पूर्वी दिल्ली जिलों से भी 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों जिले उत्तर प्रदेश की सीमा से लगते हैं। इस तरह पुलिस की कार्रवाई राजधानी के कई हिस्सों में हुई है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और पूर्वी दिल्ली से संबंधित आंकड़े अलग-अलग पुलिस सूत्रों और अधिकारियों ने दिए हैं। राजधानी में रातभर हुई कुल कार्रवाई के तहत कम से कम 1,000 लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों को किसी संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनका प्रदर्शनकारियों को जुटाने और कथित रूप से ‘गैरकानूनी’ स्थिति पैदा करने का पिछला रिकॉर्ड रहा है। इसी आधार पर उन्हें एहतियाती हिरासत में लिया गया। लोगों के पिछले रिकॉर्ड और संभावित भूमिका को लेकर यह पुलिस का दावा है। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को प्रदर्शन से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी का हिस्सा बताया है।
हिरासत में लिए गए लोगों को उन 13 प्रमुख हिरासत केंद्रों में भेजा जाएगा, जिन्हें प्रदर्शन से पहले दिल्ली के विभिन्न जिलों में निर्धारित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन केंद्रों को पहले से चिन्हित किया गया था। अब हिरासत में लिए गए लोगों को वहां स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है। राजधानी में होने वाले प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस की तैयारियों में लोगों को हिरासत में लेने के साथ-साथ उन्हें निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी शामिल है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। सीजेपी नेताओं के शनिवार सुबह करीब 10:15 बजे राजधानी पहुंचने का कार्यक्रम है। प्रदर्शन के मद्देनजर जमीन पर 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। दिल्ली की सभी सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। तैनाती की योजना में शहर के भीतर के रास्तों के साथ सीमावर्ती इलाकों को भी शामिल किया गया है, ताकि अलग-अलग स्थानों पर दिन और रात लगातार सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनी रहे।

तैनाती योजना के मुताबिक, निर्धारित स्थानों पर पहली पाली में पुलिस इंस्पेक्टरों के साथ पुरुष और महिला सुरक्षाकर्मियों की प्लाटून तथा छोटी टुकड़ियां मौजूद रहेंगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल और रिजर्व कर्मियों को भी लगाया जा सकेगा। पूरी व्यवस्था अलग-अलग पालियों में तैयार की गई है। इसका उद्देश्य लगातार तैनाती सुनिश्चित करना है। यानी किसी एक समय की सुरक्षा व्यवस्था के साथ आगे की पालियों और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को भेजने की तैयारी भी रखी गई है।
शहर के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस ने जांच चौकियां स्थापित की हैं। मध्य दिल्ली और नई दिल्ली जिलों के बीच ऐसे पिकेट लगाए गए हैं। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली को जोड़ने वाले स्थानों पर भी चौकियां बनाई गई हैं। ये व्यवस्थाएं राजधानी के भीतर जिलों को जोड़ने वाले रास्तों पर की गई हैं। प्रदर्शन से पहले अलग-अलग जिलों की सीमाओं और संपर्क मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
नई दिल्ली क्षेत्र के करीब स्थित रास्तों पर भी पहुंच आसान नहीं होगी। अशोका रोड और टॉल्स्टॉय रोड जैसे इलाके, जो पैदल दूरी पर हैं, वहां से भी प्रवेश करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। इस हिस्से में 10 बैरिकेड लगाए गए हैं और 30 से अधिक अर्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए प्रदर्शन से पहले राजधानी में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस इसे एहतियाती कार्रवाई बता रही है, जबकि हिरासत में लिए गए लोगों को निर्धारित केंद्रों में भेजने की तैयारी है।
