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70 से ज्यादा नाकेबंदी, सड़क पर बवाल, Google Map पर लाल हुई सेंट्रल दिल्ली

TCN Desk TCN Desk | 1h ago · 4 min read
70 से ज्यादा नाकेबंदी, सड़क पर बवाल, Google Map पर लाल हुई सेंट्रल दिल्ली

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ट्रैफिक मैप कुछ ऐसा नजर आया, मानो किसी नोटिस बोर्ड पर जगह-जगह पिन लगा दिए गए हों।

दिल्ली के गूगल मैप पर आखिरी बार कब इतनी जगह सड़कें बंद होने के निशान दिखाई दिए थे, यह शायद ही किसी को याद हो। शनिवार, 10 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे मध्य दिल्ली का ट्रैफिक मैप कुछ ऐसा नजर आया, मानो किसी नोटिस बोर्ड पर जगह-जगह पिन लगा दिए गए हों। पूरे सेंट्रल दिल्ली में 70 से ज्यादा रोडब्लॉक के निशान दिखाई दे रहे थे। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर इन निशानों के बीच यातायात की स्थिति बताने वाली लाल रेखाएं भी नजर आ रही थीं, जो वाहनों की धीमी रफ्तार और जाम का संकेत दे रही थीं।

दोपहर 11.30 बजे सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक को लेकर गूगल मैप पर कुछ ऐसी तस्वीर दिखी। Google Map

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के बीच राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस की सख्त निगरानी तथा यातायात प्रतिबंधों का असर मध्य दिल्ली की सड़कों पर दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों पर वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे और व्यस्त हिस्सों में लंबी कतारें लग गईं। इन रास्तों से गुजरने वाले लोगों को भारी जाम और देरी का सामना करना पड़ा।


यातायात संबंधी पाबंदियां सुबह छह बजे से लागू हो गई थीं। प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए और वाहनों की जांच की जा रही थी। जांच और प्रतिबंधों के चलते यातायात की गति प्रभावित हुई। कई सड़कों पर गाड़ियों को धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ा, जिससे पीछे वाहनों की कतारें लंबी होती चली गईं। प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने का असर उन रास्तों पर भी दिखाई दिया, जो सेंट्रल दिल्ली के दूसरे हिस्सों को जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों से जोड़ते हैं।

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गूगल मैप्स के ट्रैफिक व्यू में सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर बड़े पैमाने पर भीड़भाड़ दिखाई दे रही थी। लाल रंग में दिख रहे सड़क के हिस्से धीमी गति से चल रहे यातायात का संकेत दे रहे थे। कनॉट प्लेस, जनपथ, जंतर-मंतर और इनके आसपास के रास्तों पर यातायात बाधित नजर आया। इसके अलावा सेंट्रल दिल्ली के व्यापक इलाके से जुड़ने वाली सड़कों पर भी जाम दिखाई दिया। मैप पर अलग-अलग जगहों की स्थिति से पता चल रहा था कि प्रतिबंधों का असर केवल प्रदर्शन स्थल के बिल्कुल पास तक सीमित नहीं था।

बाराखंभा रोड, जनपथ, अशोक रोड और संसद मार्ग पर यातायात प्रभावित नजर आया। इंडिया गेट और केंद्रीय सचिवालय की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी दिखाई दी। हालांकि, हर सड़क पर स्थिति एक जैसी नहीं थी। कुछ जगहों पर भारी यातायात था, जबकि दूसरे हिस्सों में वाहन अपेक्षाकृत आसानी से आगे बढ़ रहे थे। इस तरह मध्य दिल्ली के भीतर ही अलग-अलग मार्गों पर यातायात की स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा था। कहीं लंबी कतारें थीं, तो कहीं आवाजाही कुछ बेहतर थी।

प्रमुख चौराहों और जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों के आसपास जाम ज्यादा दिखाई दे रहा था। प्रदर्शन क्षेत्र के पास सुरक्षा जांच और आवाजाही पर लगी पाबंदियों के बीच इन रास्तों पर वाहनों की गति लगातार धीमी बनी रही। कनॉट प्लेस, जनपथ और बाराखंभा रोड से होकर गुजरने वाले यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा। इंडिया गेट और केंद्रीय सचिवालय के बीच के रास्तों पर भी यही स्थिति दिखाई दी। प्रभावित हिस्सों में वाहन बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहे थे, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।


सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संबंधी पाबंदियों के साथ सार्वजनिक परिवहन तथा मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने की घोषणा की थी। यह व्यवस्था शुक्रवार रात नौ बजे से लागू होनी थी और शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक जारी रहनी थी। ऐसे में सड़क मार्गों पर जाम के साथ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास पर लगी पाबंदियां भी राजधानी में आवागमन की स्थिति का हिस्सा बनी रहीं।

इसके अलावा सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे की रोक भी लागू की गई। यह निलंबन शुक्रवार रात दस बजे से प्रभावी हुआ। इस तरह शनिवार को प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ सड़क यातायात, मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगी पाबंदियां एक साथ लागू थीं। मध्य दिल्ली की सड़कों पर दिखाई दे रहा जाम और जगह-जगह लगे बैरिकेड इस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर रहे थे।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक,

दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि प्रतिबंधों की समीक्षा मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर की जाएगी। कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों को देखते हुए पाबंदियों में ढील दी जा सकती है या उन्हें और सख्त किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, यातायात संबंधी व्यवस्थाओं में बदलाव वास्तविक समय में सामने आने वाली स्थिति के मुताबिक होगा।