कांग्रेस को क्यों हुई सोनम वांगचुक की चिंता?
अब लोगों को इस सवाल को जवाब मिल गया होगा कि राहुल गांधी को भी सोनम वांगचुक की जिंदगी की चिंता है।
विपक्ष के सभी नेता बारी-बारी से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से मिलने आ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल मिले। डिंपल यादव भी जाकर मिलीं। सपा प्रमुख अखिलेख यादव भी सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील कर चुके हैं। लेकिन जो बड़ा सवाल था कि कांग्रेस क्यों सोनम वांगचुक के इस आंदोलन से दूरी बनाकर रखे हुए थी, वो शुक्रवार सुबह बिल्कुल स्पष्ट हो गई कि कांग्रेस को भी सोनम वांगचुक की चिंता है। शुक्ववार सुबह कांग्रेस नेता पवन खेड़ा सोनम वांगचुक से मिले और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। अब लोगों को इस सवाल को जवाब मिल गया होगा कि राहुल गांधी को भी सोनम वांगचुक की जिंदगी की चिंता है।
इससे पूर्व कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी स्पष्ट किया था कि कांग्रेस भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर पर कायम है और इस मुद्दे पर पार्टी भी सोनम वांगचुक के साथ खड़ी है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि,
देश एक ऐसी सरकार का सामना कर रहा है, जो लोकतांत्रिक तरीके से किए जाने वाले विरोध को गंभीरता से नहीं लेती। ऐसे में संघर्ष का तरीका बदलने की जरूरत है, क्योंकि किसी भी आंदोलन में अपनी जान जोखिम में डालने से समाधान नहीं निकलेगा।
कांग्रेस ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया था। पार्टी महासचिव के. सी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार में जवाबदेही की कमी के कारण परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।